देहरादून। कैंब्रियन हॉल स्कूल के अध्यक्ष कृष्णा राणा पर उनकी बहन अमृता सिंह दहिया और उनके पति देवेंद्र दहिया द्वारा लगाए गए झूठे आरोपो को पुलिस और न्यायलय द्वारा दोष मुक्त करार दिया है। उनके द्वारा कृष्णा राणा का लगातार उत्पीड़न, जाली वसीयत, चोरी और संस्थागत विरासत को जानबूझकर नष्ट करने के प्रयास काफी सालो से चल रहे है। कैंब्रियन हॉल स्कूल को अपने कब्जे में लेने की लालसा में अमृता और देवेंद्र दहिया ने किसी भी हद तक जाने से परहेज नहीं किया। यहाँ तक कि झूठे आपराधिक मामले भी अपने भाई कृष्णा राणा पर लगा दिए। यह सब घटना क्रम अगस्त 2018 में कैंब्रियन हॉल स्कूल की दिवंगत अध्यक्ष रानी चंद्रा राज्य लक्ष्मी राणा, जो की कृष्णा राणा और अमृता दहिया की माता थी, के निधन के बाद से शुरू हुआ।
असली घोटाला अवैध ट्रस्ट, डुप्लीकेट अकाउंट्स और पैसों के गबन का है दृ जो अमृता दहिया और उनके पति देवेंद्र दहिया ने अंजाम दिया है। उन्होंने “रानी चंद्रा राज्य लक्ष्मी राणा ट्रस्ट” नाम से एक फर्जी ट्रस्ट बनाया और अलग बैंक खाते खोलकर फंड को डायवर्ट किया। स्टेपिंग स्टोन स्कूल, जिसके वे खुद वैध स्थायी सदस्य हैं, की संपत्ति पर भी अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया। शिक्षा विभाग इस पूरे मामले की जांच कर रहा है और अमृता दहिया और उनके पति देवेंद्र दहिया को कई नोटिस भेजे जा चुके हैं। मार्च 2025 में उन्होंने हाईकोर्ट में यह झूठा दावा करते हुए स्टे याचिका दायर की कि अमृता दहिया अभी भी कैंब्रियन हॉल की स्थायी सदस्य हैं जिसे माननीय हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
