जयपुर के 15 वर्षीय ध्रुव शर्मा का कमाल, मेडिकल क्षेत्र में हासिल किए दो पेटेंट

जयपुर। जयपुर के कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले 15 वर्षीय ध्रुव शर्मा ने मेडिकल क्षेत्र में दो पेटेंट हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। ध्रुव ने पहली तकनीक एंटीबायोटिक दवाओं के असली और नकली होने की पहचान के लिए विकसित की है, जबकि दूसरी टेस्ट स्ट्रिप के जरिए डिहाइड्रेशन और सोडियम, पोटेशियम व आयरन जैसे संकेतकों की प्रारंभिक जांच का लक्ष्य है। 

कहते हैं प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती और जयपुर के 15 वर्षीय ध्रुव शर्मा ने इसे सच कर दिखाया है। कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले ध्रुव ने मेडिकल क्षेत्र में दो पेटेंट हासिल किए हैं। उनकी एक तकनीक एंटीबायोटिक दवाओं के असली या नकली होने की पहचान से जुड़ी है, जबकि दूसरी टेस्ट स्ट्रिप के जरिए शरीर में डिहाइड्रेशन और कुछ जरूरी तत्वों के स्तर की प्रारंभिक जांच करने के उद्देश्य से विकसित की गई है। ध्रुव का सपना इन तकनीकों को कम कीमत पर आम लोगों तक पहुंचाना है।

जयपुर के होनहार विद्यार्थी ध्रुव शर्मा ने कम उम्र में मेडिकल क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।  कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले 15 वर्षीय ध्रुव ने दो ऐसी तकनीकों पर काम किया है, जिनका उद्देश्य स्वास्थ्य जांच को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है। ध्रुव की पहली तकनीक एंटीबायोटिक दवाओं के असली और नकली होने की पहचान से संबंधित है। वहीं, उनकी दूसरी तकनीक एक विशेष टेस्ट स्ट्रिप है, जिसके माध्यम से शरीर में डिहाइड्रेशन और सोडियम, पोटेशियम तथा आयरन जैसे संकेतकों की प्रारंभिक जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। ध्रुव के अनुसार, यह टेस्ट स्ट्रिप 30 से 90 सेकंड के भीतर रंग बदलकर संकेत देगी। वे इसे 30 से 35 रुपये की कीमत में उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि कम खर्च में जांच की सुविधा लोगों तक पहुंच सके। ध्रुव का लक्ष्य केवल तकनीक विकसित करना ही नहीं, बल्कि इनका बड़े स्तर पर उत्पादन करवाकर आम लोगों के लिए सस्ती स्वास्थ्य जांच की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।

इस मामले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा का कहना है कि दोनों पेटेंट का अध्ययन विशेषज्ञों की टीम से करवाया जाएगा। इससे इन तकनीकों की उपयोगिता और संभावित अनुप्रयोगों का आकलन किया जा सकेगा। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *