जीएमसीएच में प्रसूता की मौत के बाद हंगामा, लापरवाही का आरोप

बेतिया(पश्चिम चंपारण)। पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में बुधवार को इलाज के दौरान एक प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। मृतका के परिजनों ने चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही तथा मारपीट का आरोप लगाया। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही बेतिया नगर, कालीबाग सहित तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

मृत प्रसूता की पहचान मैनाटांड़ थाना क्षेत्र के सुखलही मथुरा गांव निवासी पिंटू दुबे की पत्नी आरती कुमारी (30) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार आरती कुमारी को दूसरी बार प्रसव के लिए 13 जून को जीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। बुधवार को उन्होंने मृत शिशु को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद शरीर में खून और पानी की कमी होने के कारण उन्हें रक्त एवं अन्य आवश्यक चिकित्सकीय सहायता दी जा रही थी, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

मृतका की मां उषा देवी ने आरोप लगाया कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद चिकित्सकों ने समय पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण उनकी पुत्री की मौत हो गई। वहीं मृतका के पति पिंटू दुबे ने भी उपचार में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।

परिजनों का आरोप है कि शिकायत करने पर चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के साथ उनकी कहासुनी हो गई, जिसके बाद मारपीट की घटना हुई। पिंटू दुबे तथा उनके भाई मिंटू दुबे ने आरोप लगाया कि उनके साथ अस्पताल कर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।

इसी दौरान घटना की कवरेज के लिए पहुंचे कुछ पत्रकारों ने भी आरोप लगाया कि उनके साथ बदसलूकी की गई तथा उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। हालांकि इस संबंध में अस्पताल प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने तथा मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया। समाचार लिखे जाने तक परिजनों और अस्पताल प्रशासन के बीच वार्ता जारी थी।

घटना के बाद अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों एवं उनके परिजनों में भी नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में समय-समय पर मरीजों और परिजनों के साथ विवाद की घटनाएं सामने आती रही हैं। अब सभी की नजर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच एवं आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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